कविता :- 16(84) रोशन कुमार झा


कविता :- 16(84)

कविता :- 16(84)


नमन 🙏 :- संगम सवेरा


" संगम सवेरा"- मासिक ई पत्रिका अगस्त 2020 अंक हेतु स्वरचित कविता ।


दिनांक :- 06/07/2020

दिवस :- सोमवार

विधा :- कविता

शीर्षक :-  तिरंगा और राखी । :-


इच्छा होगा हम रोशन का पूरा जो रहें आज़ादी के बाद बाक़ी 

कब ? जब फहलायेंगे तिरंगा और पहनेंगे कलाई पर बहन की राखी ।।


आई राष्ट्रीय पर्व मनायेंगे देशवासियों व बहन और भाई ,

खायेंगे बहन हाथ से मिठाई  ।

फिर  बंधवायेंगे राखी देकर कलाई ,

हे ईश्वर जब तक रहूं, तब तक

करते रहूं हर माँ बहन की भलाई ।।


अनमोल ममता है बहन और भारत माँ की ,

हर संकट दूर करते तिरंगा और बहन की राखी ।।


रक्षाबंधन , स्वतंत्रता दिवस है अब आई ,

आ जाओ तिरंगा फहराने शहर से भाई ।।

राखी पूर्णिमा के पूजा, बहन संग मनाई ,

सच में बहन के राखी और अपना तिरंगा

 जीवन में एक नई रंग लाई ।।


     रोशन कुमार झा

सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज, कोलकाता

नमन 🙏 :- संगम सवेरा

" संगम सवेरा"- मासिक ई पत्रिका अगस्त 2020 अंक हेतु स्वरचित कविता ।

दिनांक :- 06/07/2020
दिवस :- सोमवार
विधा :- कविता
शीर्षक :-  बहन की राखी । :-

इच्छा होगा हम रोशन का पूरा जो रहें बाक़ी
कब ? जब पहनेंगे कलाई पर बहन की राखी ।।

आई पर्व मनायेंगे बहन और भाई ,
खायेंगे बहन हाथ से मिठाई  ।
फिर  बंधवायेंगे राखी देकर कलाई ,
हे ईश्वर जब तक रहूं, तब तक
करते रहूं हर माँ बहन की भलाई ।।

अनमोल ममता है बहन और माँ की ,
हर संकट दूर करते बहन की राखी ।।

रक्षाबंधन है अब आई ,
आ जाओ शहर से भाई ।।
राखी पूर्णिमा के पूजा बहन संग मनाई ,
सच में बहन के राखी जीवन में एक नई रंग लाई ।।

     रोशन कुमार झा
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज, कोलकाता

नमस्ते 🙏 :- कलम ✍️ बोलती है साहित्य समूह
विषय क्रमांक :- 172
दिनांक :- 06-07-2020
दिवस :-  सोमवार
विषय :- चित्र - लेखन

ओ कृष्ण राधा संग झूला झूलो सावन में ,
शिव शंकर बसे आप और हम रोशन में ।
फल का राजा आम , भरा हुआ है वन में ,
नई उम्मीद आई है जन जन में ।।

इच्छा पूरी हो रहें है मन में ,
और तन मन धन में ।
सब दिख रहे है प्रसन्न में ,
ये कृपा बना है बाबा का महीना सावन में ।।

✍️ रोशन कुमार झा
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज कोलकाता
ग्राम :- झोंझी , मधुबनी, बिहार
मो :- 6290640716

✍️ रोशन कुमार झा
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज , कोलकाता 
ग्राम :- झोंझी, मधुबनी, बिहार ,
मो :- 6290640716
ईमेल :- Roshanjha9997@gmail .com
              परिचय :-

शाण्डिल्य गोत्र, नाम झा रोशन कुमार ,
काम से हूँ एक छोटा मोटा रचनाकार ।
हूँ कोलकाता में छोड़कर आया हूँ मिथिला,बिहार ,
हम ही गंगाराम, मधुबनी जिला गांव झोंझी की लाल ।

पढ़ाई के साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर,संस्था किया हूँ स्वीकार ,
राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काउट गाइड से करता हूँ प्रचार  ,
सीखा हूँ सेंट जॉन एम्बुलेंस से, करता हूँ प्राथमिक उपचार ,
संग में नि:शुल्क में पढ़ाकर मिलजुल कर मनाता हूँ त्यौहार ।।

नमन 🙏  :- साहित्य उत्थान
विषय :- अस्तित्व
विधा :- लघुकथा
दिनांक :- 06/07/2020
दिवस :- सोमवार

क्या बताऊं , हम उस दादी माँ की अस्तित्व बताने जा रहा हूं जो माँ की अस्तित्व ले ली । दो बहन और एक भाई के बाद दुनिया में आई आनंदनी , वही आनंदनी आनंद का बहन,उसी झोंझीफूलदाई दादी माँ की बात है, आनंदनी के जन्म लेते ही उसकी जीवन रोशन से अंधकार हो गया, वह कैसे ? तो जानिए जन्म लेते ही दो वर्ष की उम्र में ही दिल्ली में आनंदनी की माँ सुधा की मृत्यु हो गई, पिता अरुण दिल्ली में कमाने के लिए रह गया, और दादी अपने बेटे अरूण को छोड़कर अपनी पोती आनंदनी को लेकर गांव आ गई, आनंदनी जन्म से ही विकलांग या उपचार न होने के कारण कमज़ोर हो गई रही , माथा बड़ा पर हाथ पांव पतला पतला , आस-पास के लोग न चलने के कारण उसे लोटिया ,लोटिया कहने लगे यहां तक कि अब ये जिन्दा न रह पायेगी ,मर जायेगी और भी कुछ , ये सब सुनने के बाद भी दादी माँ हार नहीं मानी ।  तनु वक्ष स्थल से धन्यवाद उस दादी माँ को देना चाहता हूँ , जो वृद्धावस्था में भी आनंदनी को बिना दवा दिए, खुद के मेहनत सरसों तेल से मालिश कर करके आनंदनी को चलाने की प्रयास में लगी रही, और एक दिन ऐसा आया वह चलने फिरने लगी और अपने आसपास के लोगों के काम में वह बेचारी आनंदनी हाथ बढ़ाने लगी, इस तरह आनंदनी अपने गांव में बिना माँ की ही दादी माँ की सहयोग से अपनी अस्तित्व बना ली जो कि अधिकांश बच्चे माँ के रहते हुए भी वह अस्तित्व नहीं बना पाते ।

नाम :-   रोशन कुमार झा
जन्मतिथि :- 13/06/1999

कार्य :- बी.ए की छात्र, एन.सी.सी, एन.एस.एस, सेंट जॉन एम्बुलेंस कोलकाता, विश्व साहित्य संस्थान ,भारत स्काउट एण्ड गाइड के सदस्य, विगत तीन वर्षों से 11 वीं व 12 वीं कक्षा के विज्ञान व वाणिज्य विभाग को हिन्दी एवं कला विभाग के छात्र - छात्राओं को समस्त विषयों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करते आये है।

पता :- ग्राम :- झोंझी , मधुबनी, बिहार
मो :-6290640716
ई - मेल :- Roshanjha9997@gmail. com
यह रचना हमारा मौलिक व स्वरचित है, और इसे साहित्य उत्थान से आयोजित ई - पुस्तिका में प्रकाशित करने का अनुमति देता हूँ ।।   कविता :- 16(84)

नमन 🙏 :- साहित्य उन्नयन मंच
#साप्ताहिक_प्रतियोगिता_002
❆ काव्य सृजन - 002
❆ विषय -   प्रेम
❆ तिथि - 06/07/2020
❆ दिवस - सोमवार

नमन 🙏 :- माधव साहित्य संगम
+91 76270 66780
ऑनलाइन कवि सम्मेलन हेतु कविता :-

-: जानने से पहले ही इंकार कर दी ।

जानने से पहले ही इंकार कर दी ,
वही इंकार तो मेरे ज़िन्दगी में बवाल कर दी ।
फिर क्या नव जीवन की सवाल कर दी ,
हम रोशन नहीं, वही तो ऐसी हाल कर दी ।।

बिना पूजा पाठ के ही सीमा रेखा पार कर दी ,
जीते , जब वह हार कर दी ।
पैदल चलने वाले को कार कर दी ,
मैं अभी भी वही हूँ, कहाँ मेरे लिए कुछ सरकार कर दी,

नाम तो मेरा अख़बार कर दी ,
मेरी रचनाओं को प्रचार कर दी ।
आज गूगल पर भी हूँ, न जाने वह क्यों इंकार कर दी ,
मेरे से पहले भी ,मेरे बाद भी वह किसी और से प्यार कर दी ।।

✍️ रोशन कुमार झा
  रामकृष्ण महाविद्यालय, मधुबनी
☛ #साहित्य_उन्नयन
★ यह रचना हमारी स्वरचित, मौलिक व अप्रकाशित है ।
मो:-6290640716 आज कविता :-16(84)
सुरेन्द्रनाथ इवनिंग कॉलेज , कोलकाता  भारत
07-06-2020 रविवार  कविता :- 16(55)
http://roshanjha9997.blogspot.com/2020/06/1655-1.html

विवेक सर :- 8481832669 भेजें हमको कल 18:50
हम आज 09:34 Thank you sir
snechindi@gmail.com
nousheenbabakhan@gmail.com
sudipachowdhury.sc@gmail.com
Part-1,part-2 Result भेजें विवेक सर PDF भेजें ।

नमन 🙏 :- प्रतिध्वनि साहित्यिक मंच
अगस्त माह के लिए रचनाएं :-
दिनांक :-
दिवस :-
विधा :- कविता
शीर्षक :- बसे मेरे मन में

दिल में आग लगाकर चल गई वह सावन में ,
कैसे न जाती, एक दो न उसकी प्रिय है बावन में

छोड़ गई अंधेरा न , रोशन में
ऐसे भी कोई बदलते, वह बदल गई कुछ ही क्षण में ।

आग लगाई तन मन में ,
आज भी चर्चा है मेरे प्यार की जन जन में ।

कह गई कि तू चले जाओ वन में ,
सही कही क्योंकि देवों के देव ,महादेव के
पूजा करना रहा सावन में ।।

आज भी वह बसती है मेरे कण - कण में ,
यही दुआ करूँगा, जब भी वह दिखे,
दिखे वह हमें प्रसन्न में ।।

          रोशन कुमार झा
ग्राम :- झोंझी , मधुबनी , बिहार
ईमेल आईडी :- roshanjha9997@gmail.com
व्हाट्सएप नंबर :- 6290640716

कविता :-16(64)  : 16-06-2020 मंगलवार


प्रतिध्वनि साहित्यिक पत्रिका का मई के अंक का वितरण हो चुका है।

अगस्त माह के लिए रचनाएं आमंत्रित*

 

प्रतिध्वनि के तत्वावधान में  *“प्रतिध्वनि साहित्यिक ई-पत्रिका (मासिक)”* प्रकाशित हो रहा है। इस पत्रिका में हर रचनाकार की एक रचना प्रकाशित होगी। यह पत्रिका पूर्ण रूप से ई-पत्रिका के रुप में प्रतिमाह निःशुल्क प्रकाशित होगी।

·         *नियम और शर्ते* 

१.      एक रचनाकार को अपनी एक श्रेष्ठ सकारात्मक कविता /लघु कथा /कहानी /लेख भेज सकते है।

२.      सबसे ऊपर शीर्षक फिर रचना नीचे अपना नाम, पता, ईमेल आईडी और व्हाट्सएप नंबर लिखकर भेजना होगा और साथ में एक नवीनतम फोटो।

३.      अपनी रचनाओं को टंकित करके ही पूर्ण रूप से संशोधन करके सुधार कर ही भेजनी है। रचना स्वरचित एवं मौलिक हो । कोई भी रचना किसी जाति धर्म से सम्बंधित ना हो।

४.      रचनाये वाट्सएप्प या ईमेल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएँगी।

5    संकलन में रचनाओं की  संख्या सीमित होंगी  इसलिए कृपया जल्दी भेजिए।

6- रचनाये हर माह 20 तारिख तक प्राप्त हो जाती चाहिए और ई पत्रिका का प्रकाशन माह के पहले सप्ताह में होगा।। 

7. प्रतियोगिता में चयनित रचनाओं के रचनाकारों  प्रतिध्वनि की तरफ से सम्मान पत्र दिया जाएगा।

हमारे व्हाटसअप ग्रुप से जुड़ने के लिए:

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300 काव्य संकलन में भेजें ।
https://www.janbhaashahindi.com/2020/07/Rashtriya-Anchalik-Sahitya-Sansthan-Me-Guru-Purnima-Par-Maha-Kavi-Sammelan-Sampanna.html
*संघमित्रा*
स्त्री साहित्य संसार

1. सविता मिश्रा, काशी
2. गुलनाज़ आरिफ हापुड़ उत्तर प्रदेश
3. प्रदीप कुमार, पानीपत, हरियाणा
4- ललिता कुमारी वर्मा  अलीगढ़ उत्तर प्रदेश।
5 रुपेश कुमार, चैनपुर, सीवान, बिहार
6-ममता बारोट, गुजरात, गांधीनगर
7- ओ पी मेरोठा हाड़ौती कवि , राजस्थान
8- आयुषी कुमारी , (समस्तीपुर) बिहार
9.गायत्री द्विवेदी 'कोमल'
फतेहपुर
10.इशरत परवीन शहडोल मध्य प्रदेश
11. रोशन कुमार झा , कोलकाता
नोट: कृपया नाम जोड़ते जायें
शीघ्र ही online कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. 
सम्मान भी प्रदान किया जाएगा.
http://roshanjha9997.blogspot.com/2020/07/1683-3.html

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